पीरियड मिस होने के 10 दिन बाद भी नेगेटिव आए तो क्या समझे

पीरियड मिस होने के 10 दिन बाद भी नेगेटिव आए तो क्या समझे : अगर आप एक महिला है तो आप प्रेगनेंसी और पीरियड्स के बीच क्या संबंध होता है इस बात को अच्छी तरह से समझती होंगी क्योंकि कहीं ना कहीं प्रेग्नेंसी का संबंध पीरियड से ही जुड़ा होता है

अगर किसी महिला को पीरियड से आने बंद हो जाते हैं तो कहीं ना कहीं इनके बंद होने की एक वजह यह भी रहती है कि वह महिला हो सकता है कि प्रेग्नेंट हो चुकी हो पर हर बार ऐसा नहीं होता कुछ अन्य कारणों से भी पीरियड्स आने बंद हो सकते हैं या लेट हो सकते हैं

पर आज के इस लेख में हम इसी विषय से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियों को आपके साथ साझा करेंगे जैसे कि पीरियड्स मिस होने के कितने दिन बाद पीरियड आना बंद होते हैं, प्रेगनेंसी की वजह से पीरियड्स बंद हुए हैं या अन्य कारणों से इत्यादि जानकारियों को आपके साथ साझा करेंगे

साथ ही आज के इस लेख का हमारा मुख्य विषय रहेगा पीरियड मिस होने के 10 दिन बाद भी नेगेटिव आए तो क्या समझे

सामान्यता पीरियड्स हर महिला को 1 महीने में एक बार होते हैं और यह वह प्रक्रिया है जिसमें कि उनके शरीर से अनफर्टिलाइज्ड अंडे योनि के माध्यम से बाहर निकल जाते हैं

क्योंकि उन अंडों को कोई स्पर्म नहीं मिला और जिस कारण से वह निश्चित होकर एक एंब्रियो या भ्रूण नहीं बन पाए

अगर ऐसे में पीरियड्स आना बंद हो जाए और किसी महिला ने अगर उससे कुछ समय पहले अपने पार्टनर के साथ शारीरिक संबंध स्थापित किए हो तो इस बात की प्रबल संभावना रहती है कि पीरियड बंद होने की वजह प्रेगनेंसी ही है

 

पीरियड मिस होने के 10 दिन बाद भी नेगेटिव आए तो क्या समझे

 

पीरियड मिस होने के 10 दिन बाद भी नेगेटिव आए तो क्या समझे

अगर किसी महिला को यह पता चले कि उसके पीरियड्स लगातार मिस हो रहे हैं तो उसके मन में प्रेग्नेंट होने का ख्याल ही आता है, अगर उसने अपने पार्टनर के साथ पूर्व में संबंध बनाए हैं तो…

पर अगर प्रेगनेंसी टेस्ट करने के बाद उसका रिजल्ट नेगेटिव बताए तो ऐसे में पीरियड्स मिस होने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं जैसे कि एचसीजी हार्मोन का असंतुलन या महावरी में अनियमितता.इत्यादि

वही इसके कुछ सामान्य कारण भी हो सकते हैं जैसे कि सही ढंग से प्रेगनेंसी टेस्ट ना करना, संबंध बनाने के 4 से 5 दिन बाद ही प्रेगनेंसी टेस्ट कर लेना, पीरियड्स मिस होने पर बार-बार प्रेगनेंसी टेस्ट करना आदि

हालांकि बहुत सारी महिलाओं द्वारा जानकारी के अभाव में बहुत जल्दी ही प्रेगनेंसी का टेस्ट कर लिया जाता है

तो ऐसे में उन्हें रिजल्ट नेगेटिव ही प्राप्त होते हैं और ऐसे ही समय में जब उन्हें पीरियड्स भी मिस हो रहे हो तो यह दोनों चीजें उनके मन में संशय उत्पन्न कर सकती हैं

पर पीरियड्स मिस होने के कुछ दिनों बाद ही महिलाओं को यह प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहिए

जब उनके शरीर में HCG (Human chorionic gonadotropin) हार्मोन की मात्रा एक बैलेंस तक बनी रहे क्योंकि इसी हार्मोन से प्रेगनेंसी टेस्ट का रिजल्ट आता है या इसी हार्मोन पर यह निर्भर करता है

तो ऐसे में किसी महिला को अगला टेस्ट अपने पीरियड्स मिस होने के कम से कम 2 हफ्तों बात करना चाहिए जिससे कि उसे वास्तविक रिजल्ट प्राप्त हो सके की वाकई में वह प्रेग्नेंट है या नहीं

अगर किसी महिला को यह पीरियड्स मिस होने की समस्या हर बार रहती हैं, तो ऐसे में उस महिला को पता होता है कि वह प्रेग्नेंट नहीं है पर यही समस्या जब किसी अन्य महिला को पहली बार होती है, तो उसे प्रेग्नेंट होने की संभावना ज्यादा रहती है

 

प्रेगनेंसी के अलावा पीरियड्स मिस होने के कारण

इस तरह अभी तक हमने यह तो जान लिया की पीरियड्स मिस होने का सबसे बड़ा कारण प्रेग्नेंट होना ही होता है, पर हर बार ऐसा नहीं होता क्योंकि कई बार कुछ अन्य कारणों से भी कुछ महिलाओं को पीरियड्स रुक रक कर या काफी दिनों बाद आते हैं

 

due to missed periods

 

इस प्रकार प्रेगनेंसी के अलावा पीरियड्स में सोने के निम्नलिखित कारण होते हैं :

  • HCG हार्मोन का अनबैलेंस होना

यह हार्मोन महिलाओं के यूरिन में मौजूद होता है और इसी के आधार पर महिलाओं द्वारा प्रेगनेंसी टेस्ट किट द्वारा अपना प्रेगनेंसी टेस्ट भी किया जाता है

तो ऐसे में अगर कोई महिला बहुत जल्दी की प्रेगनेंसी टेस्ट कर लेती है तो ऐसे में उसके यूरिन में इस हार्मोन की मात्रा थोड़ी कम होती है जिस कारण से रिजल्ट पॉजिटिव की बजाय भी नेगेटिव ही दर्शाता है

इसीलिए महिलाओं को सलाह दी जाती है कि अगर पीरियड्स में सोने का समय 11 दिन से लेकर 15 दिनों के बीच में हैं तो ऐसे में प्रेगनेंसी टेस्ट पीरियड्स मिस होने के लगभग 21 दिनों बाद ही करना चाहिए जिससे कि वास्तविक रिजल्ट प्राप्त हो सके

इस प्रकार से यह स्पष्ट है कि यदि महिला के यूरिन में एचसीजी हार्मोन की कमी होगी तो रिजल्ट नेगेटिव ही आएगा फिर चाहे भले महिला प्रेग्नेंट ही क्यों ना हो

  • पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम ( पीसीओएस )

इसे सामान्य भाषा में महिलाओं का थायराइड भी कहा जाता है और ऐसे में महिलाओं द्वारा बहुत सारी अलग-अलग प्रकार की दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है तो इनका इस्तेमाल उनके पीरियड्स को भी प्रभावित करता है

अगर कोई महिला इस समस्या से ग्रसित हैं तो उसे पीरियड्स सामान्य अवधि के बाद आते हैं और उनमें गैप होता है तो ऐसे में इसकी जांच किसी अच्छे से डॉक्टर से भी करवानी चाहिए

  • अनियमित जीवन शैली एवं अनियमित खानपान

आजकल जो महिलाएं एक हेल्दी लाइफ़स्टाइल को नहीं अपनाती है अपने खान-पान का ध्यान नहीं रखती हैं तो ऐसे में उन्हें पीरियड्स मिस होने की समस्या का सामना भी करना पड़ता है

हरी सब्जियों एवं प्रोटीन युक्त पदार्थों की जगह हैवी जंक फूड एवं स्मोकिंग आदि का सेवन करने से भी शरीर में हार्मोन का अनबैलेंस होता है

ऐसे में अगर एल्कोहल का सेवन भी साथ में किया जाए तो यह इस समस्या को बढ़ा भी सकता है तो ऐसे में महिलाओं को इनसे बचना चाहिए एवं व्यायाम और योगा का सहारा लेते हुए एक हेल्दी लाइफ़स्टाइल में रहना चाहिए

  • एक्स सेप्टिक प्रेगनेंसी

यह भी पीरियड्स मिस होने के कारण होती हैं और इस समस्या मे महिलाओं के योनि के ऊपरी भाग में बहुत तेज दर्द होने के साथ ही योनि से ब्लीडिंग भी होती हैं और साथ ही पेट का निचला हिस्सा भी बहुत ज्यादा दर्द करता है

इस दौरान महिलाओं को बहुत तेज सर दर्द होना, चक्कर आना, साथ ही उल्टी आना जैसी समस्याएं भी होती हैं

  • प्रोलैक्टिन हार्मोन के कारण

महिलाओं में प्रेगनेंसी के अलावा अनियमित पीरियड्स होने का यह भी एक सबसे बड़ा कारण होता है क्योंकि जो महिलाएं छोटे बच्चों को स्तनपान करा रही होती हैं, उनके शरीर से यह हार्मोन निकलता है ऐसे में उन्हें अनियमित पीरियड्स की समस्या होती हैं

पर कई बार यह उन महिलाओं के शरीर में भी साबित होता है जो कि ना तो गर्भवती हैं और ना ही किसी बच्चे को स्तनपान करा रही हैं तो ऐसे में यह उनकी महावरी या पीरियड्स को अनियमित बना देता है

  • बार-बार यूरिनेशन की प्रक्रिया

अगर किसी महिला को बार बार यूरिन आने की समस्या होती है तो ऐसे में यह पीरियड्स मिस होने का संकेत भी होता है

 

पीरियड मिस होने पर प्रेगनेंसी टेस्ट का रिजल्ट नेगेटिव आए तो क्या समझे 

जब भी किसी महिला के शरीर में मासिक धर्म का चक्र शुरू होता है तो हर महीने उस महिला को पीरियड से आते हैं जिसमें कि उसके शरीर से अनफर्टिलाइज्ड अंडे रक्त के साथ योनि के माध्यम से बाहर निकल जाते हैं

पर कई बार जब यह पीरियड्स हर महीने की एक उपयुक्त तारीख पर नहीं आए तो इसे पीरियड्स मिस होने की समस्या कहा जाता है और इसके होने के कई कारण हैं जो कि हम आपको पहले ही बता चुके हैं

इसके मिस होने का कारण अगर प्रेगनेंसी है तो महिला द्वारा प्रेगनेंसी टेस्ट किया जाए

ऐसे में उसका रिजल्ट नेगेटिव आए तो इसका मतलब यह नहीं है कि पीरियड्स मिस होने के कारण ही प्रेगनेंसी टेस्ट का रिजल्ट नेगेटिव आया है क्योंकि सामान्यता प्रेगनेंसी मिस होना का अर्थ रिजल्ट का पॉजिटिव आना होता है

पर अगर महिला द्वारा पीरियड्स मिस होने के बाद यह टेस्ट कर लिया जाए और रिजल्ट भी नेगेटिव प्राप्त हो तो इस बात की संभावना जरूर है कि पीरियड्स मिस होने का कारण कम से कम गर्भावस्था तो नहीं है हो सकता है किसी अन्य कारण से ही महिला के पीरियड्स बहुत ज्यादा मिस हो रहे हैं

 

पीरियड मिस होने पर प्रेगनेंसी टेस्ट का रिजल्ट पॉजिटिव आए तो क्या समझे 

जब पीरियड होने से पहले महिलाओं के शरीर से ओवुलेशन की प्रक्रिया होती है, तो उसमें उनकी ओवरी से अंडे निकलते हैं और ऐसे में उन अंडों को यदि कोई इस पर आकर फर्टिलाइज कर दें तो वह महिला प्रेग्नेंट हो जाती हैं और ऐसे में उसे पीरियड्स आना बंद हो जाते हैं

अगर इस तरह किसी महिला को पीरियड्स मिस हो गया है और साथ ही उसने कुछ समय पहले पार्टनर के साथ संबंध बनाए थे, तो इस बात की प्रबल संभावना रहती है कि पीरियड्स मिस होने का कारण प्रेग्नेंट होना ही है

पर जब प्रेगनेंसी टेस्ट करने के बाद महिला का रिजल्ट पॉजिटिव ना आए तो फिर हो सकता है कि प्रेगनेंसी मिस होने के कोई अन्य कारण रहे हो

 

प्रेगनेंसी किस प्रकार से पीरियड्स को रोक देती हैं

किसी महिला का प्रेग्नेंट होना या गर्भधारण करना इस बात को दर्शाता है कि उसकी योनि या ओवरी से निकलने वाले एग्स किसी स्पर्म के साथ मिलकर फर्टिलाइज हो चुके हैं और उनके पार्टनर के साथ जो संबंध उन्होंने स्थापित किए थे, वह फलीभूत भी हो चुके हैं

जब एक बार महिलाओं के शरीर में यह एग्स फर्टिलाइज हो जाता है तो यह एंब्रियो का रूप लेते हुए गर्भाशय में स्थापित हो जाता है और यहीं से एक बच्चा बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाती हैं

पर सवाल यह उठता है कि महिलाओं में होने वाली प्रेगनेंसी उनके पीरियड को कैसे रोक देती हैं और साथ ही ऐसा क्यों होता है कि महिलाएं प्रेग्नेंट होने के बाद पीरियड्स में नहीं आती है

इसका सबसे बड़ा कारण होता है कि ओव्यूलेशन की प्रक्रिया अब महिलाओं के शरीर में बंद हो चुकी होती हैं क्योंकि जिस मार्ग के द्वारा यानी कि ओवरी से अर्थात अंडाशय से अंडे निकलने चाहिए

वहां अब जाएगोट या एंब्रियो स्थापित हो चुका है जो कि आगे चलकर एक बच्चे का रूप लेगा तो जब ऐसे में ओवुलेशन का स्थान ही नहीं बचेगा तो पीरियड्स होने की कोई संभावना नहीं होगी

इसके अलावा दूसरा कारण यह हैं की गर्भाशय की ऊपरी दीवार बहुत ज्यादा चौड़ी एवं बहुत ज्यादा मोटी हो जाती हैं जिससे कि एंब्रियो को सुरक्षा आवरण प्रदान किया जा सके

तो ऐसे में वह योनि पर भी दबाव डालती हैं, ऐसे में अगर ओवुलेशन हो भी जाता है तो एक फर्टिलाइज नहीं हो पाएंगे क्योंकि कोई एंब्रियो पहले से ही गर्भाशय में स्थापित हो रखा है

कहीं इसके पीछे एक और कारण भी होता है कि जब महिला प्रेग्नेंट हो जाती हैं तो उसके शरीर में मौजूद हार्मोन भी अपने नेचर को बदलने लगते हैं और ओवुलेशन साइकिल को शुरू होने से पहले ही वह उसे बंद कर देते हैं

तो ऐसे में महिलाओं को एक निश्चित समय पर जो पीरियड्स पहले होते थे, वह अब होने बंद हो जाते हैं और जो समस्याएं पहले होती थी वह भी बंद हो जाती हैं

 

क्या बार-बार पीरियड्स मिस होना प्रेगनेंसी का लक्षण है

अगर किसी महिला के पीरियड्स बार-बार अनियमित हो रहे हैं और यह समस्या उसे हर महीने फेस करनी पड़ रही हैं तो ऐसे में इसके पीछे गर्भवती होने का कोई कारण नहीं होता है क्योंकि अगर महिला गर्भवती होती तो उसे दूसरी बार पीरियड ही नहीं आते

तो ऐसे में बार-बार पीरियड्स मिस होने के कारण अन्य होते हैं, जैसे कि HCG हार्मोन का शरीर में गड़बड जाना या महिलाओं द्वारा महावरी साइकिल का ध्यान ना रखना, अनियमित खानपान का सेवन करना इत्यादि

कई बार महिलाएं अनचाहे गर्भ से बचने के लिए बहुत अधिक मात्रा में गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती हैं और बहुत सी महिलाओं द्वारा पीरियड्स को जानबूझकर लेट करने के लिए भी बहुत सी दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है

तो ऐसे में यह हो सकता है कि उन्हें पीरियड्स मिस होने की समस्या का सामना करना पड़ता है तो ऐसे में महिलाओं को किसी अच्छे से स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर इसका इलाज लेना चाहिए क्योंकि इसका असर सीधे गर्भधारण पर भी पड़ता है

 

FAQs : पीरियड मिस होने के 10 दिन बाद भी नेगेटिव आए तो क्या समझे

सवाल : क्या पीरियड मिस होने का सीधा सा संकेत प्रेगनेंसी ही होता है?

ऐसा नहीं है है, पीरियड्स मिस होने के अन्य कारण भी हो सकते हैं जैसे कि हारमोनियल अनबैलेंस या वैजिनल इंफेक्शन इत्यादि

सवाल : क्या प्रेगनेंसी टेस्ट का रिजल्ट नेगेटिव आने पर पीरियड्स और ज्यादा मिस होते हैं?

प्रेगनेंसी टेस्ट का रिजल्ट नेगेटिव आना इस बात का संकेत देता है कि पीरियड्स मिस होने का कारण गर्भावस्था नहीं है बल्कि यह किसी अन्य कारण से लेट हो रहे हैं

सवाल : पीरियड्स मिस होने के कितने दिन तक गर्भधारण होने की संभावना होती हैं?

अगर पीरियड्स 2 हफ्ते से ज्यादा तक लेट हो रहे हैं तो ऐसे में प्रेगनेंसी टेस्ट जरूर करना चाहिए क्योंकि ऐसे में कोई महिला प्रेग्नेंट हो सकती हैं

सवाल : क्या प्रेगनेंसी टेस्ट नेगेटिव आने पर भी पीरियड्स लेट होते हैं?

प्रेगनेंसी टेस्ट का रिजल्ट नेगेटिव आना यह दर्शाता है कि पीरियड्स लेट होने का कारण प्रेगनेंसी नहीं बल्कि कुछ और हैं

सवाल : पीरियड मिस होने के 10 दिन बाद भी नेगेटिव आए तो क्या समझे?

ऐसी स्थिति में यह समझा जायेगा कि उस महिला के शरीर में प्रेगनेंसी की वजह से पीरियड्स आना बंद नहीं हुए हैं एवं इसकी जगह अन्य शारीरिक या इंफेक्शन के कारण ऐसा हुआ है

सवाल : शारीरिक संबंध बनाने के कितने दिनों बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहिए?

अगर किसी महिला को अपने अगले पीरियड्स के बारे में पता नहीं है तो संबंध बनाने के लगभग 21 दिनों के बाद यह प्रेगनेंसी टेस्ट किया जाना चाहिए

सवाल : क्या अनियमित खानपन भी पीरियड और प्रेगनेंसी को प्रभावित करते हैं?

हां ऐसा सही है क्योंकि स्मोकिंग एवं बहुत ज्यादा जंक फूड का सेवन करना भी इन दोनों को प्रभावित करता है

सवाल : पीरियड मिस होने के 3 Mahine बाद भी नेगेटिव आए तो क्या समझे?

अगर पीरियड मिस होने के बाद 3 महीने बीत जाएं और टेस्ट नेगेटिव आता हो तो आप गर्भवती नहीं हैं। अनियमित पीरियड होने की संभावना होती है।

 

Conclusion

आज के लेख में हम ने जाना पीरियड मिस होने के 10 दिन बाद भी नेगेटिव आए तो क्या समझे यदि पीरियड मिस होने के बाद भी प्रेगनेंसी टेस्ट नेगेटिव आता है, तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है।

कुछ महिलाओं में हार्मोन असंतुलन के कारण अनियमित मासिक धर्म होते हैं, जो पीरियड मिस होने के कारण हो सकते हैं।

इसके अलावा , प्रेगनेंसी टेस्ट में प्रॉब्लम होने की संभावना भी होती है। यदि आपको फिर भी चिंता है, तो आपको अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए। वे आपके मासिक धर्म के अनियमितता का कारण ढूंढ़ने में मदद कर सकते हैं और यदि आवश्यक हो तो आपको अन्य टेस्ट और जांच के लिए सलाह !

2 thoughts on “पीरियड मिस होने के 10 दिन बाद भी नेगेटिव आए तो क्या समझे”

    • जी बिलकुल कभी कभी हीमोग्लोबिन के कमी से पीरियड लेट हो सकते है चिंता करने की जरूरत नहीं होती है खान पान पर ध्यान देना जरूरी है

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