अंडा फटने के बाद गर्भावस्था के लक्षण  | Anda Fatne Ke Bad Garbhavastha Ke Lakshan

अंडा फटने के बाद गर्भावस्था के लक्षण : शादी के बाद, महीने में पीरियड्स की डेट मिस होते ही, हर महिला प्रेगनेंसी के बारे में, जानने के लिए उत्सुक रहती है। अंडा फटना, पेगनेंसी के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया हैं।

अंडा फटने के लक्षण, गर्भधारण के समय महिलाओं में होने वाली एक प्रक्रिया होती है, जिसे सामान्य भाषा में अंडा फटना या ओवुलेशन कहा जाता हैं।

आपको बता दें कि, प्रेगनेंट होने के लिए अंडा फटने की या पीरियड्स की हर महीने की तारीख एक ही होनी चाहिए अन्यथा आपको अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

आज के लेख में जानते हैं कि गर्भावस्था के लक्षण कब और कितने दिन में दिखाई देने लग जाते हैं। अंडा फटने के बाद कौनसे सिम्पटम्स दिखना शुरू हो जाते है।

अंडा फटने के बाद गर्भावस्था के लक्षण नजर आते हैं, या नहीं? इस बारे में कहे तो, अंडा फटना अर्थात ओवुलाशन होना याने फैलोपियन ट्यूब में प्रेगनेंसी के लिए अंडा उपस्थित होना। इसी प्रक्रिया के कारण प्रेगनेंसी होने के 100% चांस होते हैं।

आसान भाषा में कहे तो जब स्त्री और पुरुष अंडा फटने के समय मिलन करते हैं, तब प्रेग्नेंट हो सकते हैं, और उसके बाद गर्भावस्था के लक्षण नजर आने लगती है।

 

 Anda Fatne Ke Bad Garbhavastha Ke Lakshan

 

अंडा फटने के बाद गर्भावस्था के लक्षण  | Anda Fatne Ke Bad Garbhavastha Ke Lakshan

पीरियड्स के 14 दिन पहले अंडा फटने या ओवुलेशन के दौरान ओवरी से अंडे निकलते हैं। ऐसी प्रक्रिया को अंडा फटने के लक्षण कहा जाता है। यही वह समय होता है जब महिलाओं की ओवरी से अंडे फैलोपियन ट्यूब में जाते हैं।

आप को बता दें कि, मासिक चक्र के समय केवल एक बार ही अंडा फूटता है, और वह सिर्फ 24 घंटे के लिए प्रेगनेंसी के नजरिया से उपस्थित रहता है। इसके बाद वह स्वता ही समाप्त हो जाता है।

इस करण दांपत्य को अंडा फूटने के विषय में जानकारी होना आवश्यक है। अगर आप प्रेगनेंसी की प्लानिंग कर रहे हो तो, आप को अंडा फूटने की विषय में जानकारी होना महत्वपूर्ण हैं। इस प्रक्रिया के कारण आप आसानी से प्रेग्नेंट हो सकते हो और इसी के बाद गर्भावस्था के लक्षण नजर आना शुरू हो जाता है।

शुरुआत में इन लक्षणों को समझना थोड़ा मुश्किल होता है, खास कर, जब आपकी पहली प्रेगनेंसी हों। क्योंकि गर्भधारण के समय महिलाओं को अक्सर कुछ विशेष प्रकार के बदलाव महसूस होने लगते हैं।

जिनसे उनकी शारीरिक, मानसिक स्थिति भी बिगड़ने लगती है। यह चिंता का विषय बन्ना आम बात है ऐसे में आपको डॉक्टर से बात करके विभिन्न प्रकार के टेस्ट कर के, आप गर्भवती है या नहीं यह कंफर्म कर ले।

आइए, विस्तार से जानते हैं कि अंडा फटने के बाद गर्भावस्था के कौन-कौन से लक्षण नजर आते हैं।

  • पीरियड्स न आना
  • पेशाब के रंग में बदलाव
  • सर्विकल म्यूकस में परिवर्तन
  • स्तनों में बदलाव आना
  • स्वाद और गंध का बोध होना
  • चक्कर आने लगते है
  • पेट में मरो‌ड़ आना
  • मॉर्निंग सिकनेस
  • कब्ज और गैस
  • शरीर का तापमान बढ़ना
  • सिरदर्द
  • खाने की लालसा बढ़ना
  • बार बार पेशाब आना
  • कमर में दर्द होना
  • यौन क्रिया की इच्छा
  • मूड बदलना
  • उल्टी आना
  • मासिक धर्म के लक्षण महसूस होना

 

पीरियड्स न आना

पीरियड्स बंद होना प्रेगनेंसी के शुरुआत का सबसे अहम लक्षण माना जाता है। अंडा फटने के बाद महिलाओं के पीरियड्स बंद हो जाते हैं। लेकिन आपको बता दे की कभी-कभी पीरियड्स बंद होने का अन्य कारण भी हो सकता है, ऐसे में सबसे पहले डॉक्टर से जांच करवा लेनी चाहिए।

 

पेशाब के रंग में बदलाव

गर्भधारण के समय अकसर पेशाब के रंग में बदलाव नज़र आता है। प्रेगनेंसी के समय महिलाओ की किडनी अच्छी तरह से पेशाब को फिल्टर नही कर पाती, इसी कारण गर्भधारण के समय पेशाब का रंग अक्सर पीला हो जाता है।

 

सर्विकल म्यूकस में परिवर्तन।

ओवुलेशन के कुछ दिन पहले ओस्ट्रोजन में बढ़ोतरी होने के कारण सर्विकल म्यूकस में वृद्धि होने लगती है, इसी के कारण सर्विकल म्यूकस में परिवर्तन नजर आता है।

 

स्तनों में बदलाव आना

गर्भधारण के समय, स्तनों में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन की मात्रा बढ़ती है। इसी के कारण आपके स्तनों में सुजान भी आने लगती है। साथ ही इस दौरान आप स्तन छूते हैं तो दर्द और भारीपन महसूस होता है। इसके अलावा आपके निपल के आसपास का रंग भी बदलने लगता है।

 

स्वाद और गंध का बोध होना

अंडा फटने के बाद बहुत सी महिलाओं को स्वाद का तीव्र बोध होता है और साथ ही विभिन्न गंध का भी अनुभव होता है। इस कारण कभी – कभी आप को खाना खाने का मन भी नही करेगा।

 

चक्कर आना / सिर चकराना

गर्भधारण के समय महिलाओं के शरीर में अनेक हार्मोनल बदलाव आने लगते हैं, इसी के कारण महिलाओं को चक्कर आना सामान्य बात हैं। अगर आपको चक्कर आ रहे है, तो सबसे पहले डॉक्टर से जांच करवा ले। इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं।

 

पेट में मरो‌ड़ आना

महिलाओं को पेट के नीचे हल्के से मरोड़ या ऐंठन होने लगती है। इसका असर कुछ मिनट या कुछ घंटे तक रह सकता हैं। अगर आपकी यह तकलीफ हद से ज्यादा बढ़ गई हैं तो डॉक्टर से बात करे।

 

मॉर्निंग सिकनेस

महिलाओ को अक्सर मॉर्निंग सिकनेस के साथ ही मलती भी आने लगती है। यह समस्या सुबह या फिर दिन में कभी भी रह सकती है, इस में कोई चिंता का विषय नही है।

इन दिनों में, इसके अलावा आप को थकान भी महसूस होती रहेगी। मन हो या ना हो, इस समय में आप को योग्य आहार लेते रहना चाहिए और जरूरत हो तो थोड़ा आराम करने में कोई दिक्कत नहीं, इससे आप अच्छा महसूस करेंगे।

 

कब्ज और गैस

अंडा फटने के बाद गर्भवती महिला को गैस या कब्ज की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा खाना पचाने में भी आप को मुश्किल होगा। इसे ठीक करने के लिए आपको डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

 

शरीर का तापमान बढ़ना

शरीर में प्रॉजेस्टरोन हॉर्मोन के स्तरों में वृद्धि होने के कारण आपके शरीर का तापमान बढ़ सकता है। इसके लिए सुबह उठते ही खुद का तापमान मापना अच्छा होता है।

 

सिरदर्द

प्रेगनेंसी के शुरुआती दिनो में, शरीर में रक्त के स्तर में वृद्धि होने लगती है। इस कारण महिलाओं के सिर में दर्द बना रहता है।

 

खाने की लालसा बढ़ना

गर्भवती महिलाओं के मन में कुछ ना कुछ खाने का विचार चलता रहता है। उन्हे इस दौरान अलग – अलग तरह की चीजें खाने का मन होता है। डाइट के बारे में ज्यादा ना सोचे, योग्य आहार लेते रहे।

इस दौरान हो सके तो जंक फूड से दूरी बनाए रखे और क्या खाना चाहिए और क्या नहीं इसकी सलाह आपके डॉक्टर से लेते रहे।

 

बार बार पेशाब आना

हार्मोन के बदलाव के कारण गर्भाशय की सूजन से मूत्राशय पर हल्का सा दबाव पैदा होने लगता हैं और इसी कारण महिलाओं को बार – बार पेशब आने लगती हैं, चिंता न करें और पानी पीते रहे।

 

कमर में दर्द होना

दरअसल प्रेगनेंसी के दौरान, कमर के अस्थि बंध खुल जाते है जिसके कारण कमर दर्द होने लगता है। लेकिन आपको सामान्य दिनों में कमर दर्द का सामना करना पड़ता है तो एक बार डॉक्टर से जांच करवा ले।

 

यौन क्रिया की इच्छा

अंडा फटने के बाद महिलाओं में यौन क्रिया की इच्छा बढ़ जाती है।

 

मूड बदलना

गर्भधारण के दौरान, मूड में अचानक परिवर्तन होना सामान्य बात हैं। यह आपके शरीर में हो रहे बदलाव के कारण हो रहा है। जो चीज आप को पसंद है, उसी चीज़ से अगले ही पल आप को नफरत होने लगेगी। कभी आप को अचानक से गुस्सा आयेगा तो कभी रोना।

 

उल्टी आना

अंडा फटने के बाद यदि आपको उल्टी आ रही है तो यह गर्भावस्था के लक्षण में आता है, इसी कारण शादी के बाद महिलाए उल्टी करने लगती है तो इसे गुड न्यूज की तरह देखा जाता हैं। लेकिन यह बात खुद तय करने से पहले डॉक्टर से जांच करवा ले इस के अन्य कारण भी हो सकते हैं।

 

मासिक धर्म के लक्षण महसूस होना

अंडा फटने के बाद गर्भावस्था के शुरू में मासिक धर्म के लक्षण महसूस होना सामान्य बात है। इन दिनों में आप को अक्सर शरीर में दर्द, पेट में ऐंठन आदि लक्षणों का सामना करना पड़ सकता हैं। अगर तकलीफ हद से ज्यादा हो रही है तो बेहतर है की आप ज्याच करवा ले। यह एक गंभीर समस्या भी हो सकती हैं।

 

प्रेगनेंसी के लक्षण कितने दिन बाद दिखने लगते है?

अंडा फूट ने के बाद शुरुआती दिनों में प्रेगनेंसी के लक्षण पहचान पाना या समझना थोड़ा मुश्किल होता है। यह लक्षण अंडा फूटने के बाद लगभग पहले सप्ताह में ही दिखना शुरु हो जाते है, लेकिन कहीं बार यह समझना मुश्किल होता है। ऐसे समय में हो सके तो सबसे पहले डॉक्टर से जांच करवा ले।

 

ओवुलेशन / अंडा फटने के मुख्य लक्षण

अंडा फटने के दौरान, आपको प्रेगनेंसी के लक्षण नजर आने लगते हैं जिससे आपको यह ज्ञात होता है कि आप गर्भधारण कर चुके हो। आईए जानते हैं इन लक्षणों के बारे में।

  • अंडा फूटने के समय महिलाओं को कामेच्छा में काफी वृद्धि महसूस होती है।
  • कुछ महिलाओं की योनि में हल्की सी सूजन नजर आने लगती है।
  • स्थानों की संवेदनशीलता थोड़ी सी बढ़ जाती है।
  • ऐसी हालत में अक्सर शरीर का तापमान बढ़ाना, कमजोरी महसूस होना, सिर भारी पड़ना, इस तरह की कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
  • पेट के निचले हिस्से में ऐंठन होना या हल्का सा दर्द हो सकता हैं।
  • महिलाओं की योनि से बाहर आने वाला तरल इन दिनों में हल्का सा गाढ़ा, चमकीला और चिकना सा हो जाता है।

जैसे कि हमने बताया, अंडा फटना या ओवुलेशन पीरियड 12 से 24 घंटे तक का रहता है। अगर आप इस दौरान संबंध बनाते हैं और स्प#र्म सही समय पर फिलोपिन फैलोपियन ट्यूब के अंदर जाते हैं तो पुरुष के स्प#र्म और महिलाओं के अंडे का मिलन हो जाता है

इस तरह गर्भावस्था का प्रारंभ हो जाता है और धीरे-धीरे भ्रूण का विकास शुरू हो जाता है। या आसान भाषा में कहे तो महिलाओं के शरीर में प्रेगनेंसी की प्रक्रिया शुरू हो जाती है जिसमें प्रेगनेंसी के हार्मोन बनने लगते हैं।

 

क्या गर्भावस्था के लक्षण एक सप्ताह में नजर आ सकते हैं?

प्रेगनेंसी के लक्षणों के बारे में बात करें तो कई बार यह जल्दी नजर नहीं आते। देखा जाए तो इन लक्षणों का कोई निश्चित समय नहीं है कई बार यह आप को जल्दी महसूस हो सकते हैं तो कई बार भाग दौड़ में, आप को यह लक्षण समझ आने में समय लगता है।

प्रेग्नेंसी के लक्षण दो फैक्टर पर निर्भर करते हैं।

1. सेंसिटिव हारमोंस

प्रेग्नेंसी के लक्षण महिलाओं के शरीर में हारमोंस, प्रेगनेंसी हारमोंस के प्रति कितना सेंसिटिव है, इस पर निर्भर करता है। अगर हारमोंस सेंसिटिव है तो, प्रेगनेंसी के लक्षण जल्दी नजर आने लगते हैं।

2. प्रेगनेंसी हार्मोन प्रोडक्शन

महिलाओ में प्रेगनेंसी के लक्षण उनके प्रेगनेंसी हार्मोन प्रोडक्शन की दर पर भी निर्भर करते हैं। यह हर शरीर के लिए अलग होता है। कुछ महिलाओ के शरीर में यह हार्मोन थोड़ा जल्दी अधिक मात्रा में बन जाता हैं, वही दूसरी तरफ कुछ महिलाओ के शरीर में यह हार्मोन डेवलप होने में समय लगता है।

इन्ही दो कारणों की वजह से कुछ महलाओ को प्रेगनेंसी के लक्षण कभी – कभी पीरियड्स मिस होने से पहले महसूस होते है तो, कुछ महिलाओ को पीरियड्स मिस होने के एक हफ्ते बाद।

 

FAQs – अंडा फटने (ओवुलेशन) के बाद गर्भावस्था के लक्षण

सवाल: अंडा फटने के बाद गर्भवती होने की संभावना क्या है?

अगर आप गर्भधारण करने के लिए अंडे के निकलने के 12-24 घंटों के भीतर गर्भधारण करने की कोशिश कर सकती हैं तो, गर्भवती होने की संभावना अधिक होती हैं।

सवाल: अंडा फटने के बाद मैं प्रेगनेंसी टेस्ट कब ले सकती हूं?

गर्भधारण के बाद सकारात्मक गर्भावस्था परीक्षण प्राप्त करने में 11 से 14 दिन का समय लग सकता है। उसके बाद आप घर पर भी प्रेगनेंसी टेस्ट कर सकते हो।

सवाल: कैसे पता करें कि अंडाशय में कितने अंडे बचे हैं?

एंटी-मुलेरियन हार्मोन टेस्ट (Anti Mullerian Hormone Test) से महिला के अंडाशय में मौजूद अंडों की संख्या का पता लगाया जा सकता हैं।

सवाल: प्रेगनेंसी में कहाँ कहाँ दर्द होता है?

पेल्विक फ्लोर का दर्द अक्सर गर्भवती महिलाओं को गर्भाशय के पास या मूत्राशय, योनि, पीठ और पेट में महसूस होता हैं।

सवाल: बच्चेदानी में अंडा कितने दिन में बनता है?

ओवुलेशन 28 दिनों के मासिक धर्म चक्र में 14 वें दिन के आसपास होता है। हालाँकि, हर महिला में मासिक धर्म चक्र 28 दिनों का नहीं होता है, इसलिए ओवुलेशन का सटीक समय हर महिला में अलग-अलग हो सकता है।

 

Conclusion

आज इस लेख के माध्यम से हमने आपको अंडा फटने के बाद गर्भावस्था के लक्षण क्या हो सकते है इस बारे में बताया।

साथ ही, प्रेगनेंसी में आपको किस बात का ध्यान रखना चाहिए, गर्भावस्था के लक्षण कब और कितने दिन में दिखाई देने लग जाते हैं। अंडा फटने के बाद क्या सिम्पटम्स दिखना शुरू हो जाते है। यह जानकारी भी देने का प्रयास किया है।

हमें उम्मीद है कि आपको स्पष्ट हो गया होगा की Anda Fatne Ke Bad Garbhavastha Ke Lakshan क्या हो सकते हैं।

लेख अंत तक पढ़ने के लिए शुक्रिया। हमें आशा है आज का लेख आप को अच्छा लगा होगा। अगर दी गई जानकारी आपको महत्वपूर्ण लगी हो तो यह जानकारी अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें।

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