हमारा मिशन Our Mission
महिला न्याय, निःशुल्क विधिक सहायता, बाल कल्याण, कौशल विकास एवं जागरूकता के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मानपूर्ण और शोषण-मुक्त जीवन पहुँचाना।

सेवा · न्याय · सशक्तिकरण
2015
Established · स्थापना
आगरा, उ.प्र.
जन्मभूमि · कर्मभूमि
18 जून 2015 को स्थापित यह संस्था मुख्य रूप से महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए निरंतर कार्यरत है — महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को रोकना, घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलवाना, और ससुराल में दहेज़ के लिए प्रताड़ित की जा रही महिलाओं को अपराध से मुक्ति दिलाना समिति का प्रमुख कार्य है।
संस्था का मुख्य उद्देश्य ससुराल से निकाली गई महिलाओं को परामर्श व शासन-प्रशासन की मदद से पुनः ससुराल भेजना और उनका समाधान कराना है — साथ ही महिलाओं को सुरक्षा, शिक्षा, रोज़गार, सरकारी योजनाओं का लाभ और सम्मान दिलाना, जिससे वे अपने हालात स्वयं सुधार सकें, अपने पैरों पर खड़ी हो सकें, स्वावलंबी बनें और अपने अधिकारों को जान सकें। इसी दिशा में "महिलाओं के लिए सशक्त न्याय योजना" संस्था का प्रमुख कार्यक्रम है।
अपनी स्थापना के बाद से संस्था बालिका शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण और समग्र स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा दे रही है। शिक्षा, प्रशिक्षण और स्व-प्रबंधन के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के जीवन में सुधार करना ही संस्था का मूल सिद्धांत है — और परोपकारी, सेवाभावी लोगों की मदद से किए गए इन प्रयासों ने स्थायी परिणाम दिए हैं।
18 जून 2015 — स्थापना
आगरा में संस्था की स्थापना — महिलाओं को न्याय दिलाने के संकल्प के साथ सेवा-यात्रा का शुभारंभ।
2017 — विधिक सहायता प्रकोष्ठ
अनुभवी अधिवक्ताओं के पैनल के साथ निःशुल्क विधिक सहायता प्रकोष्ठ की स्थापना — पीड़ित महिलाओं को कानूनी परामर्श एवं पैरवी।
2019 — पंजीकरण एवं प्रमाणन विस्तार
12AA आयकर प्रमाणन एवं MSME (Udyam) पंजीकरण प्राप्त — पारदर्शिता और वैधानिक मान्यता का नया अध्याय।
2022 — मंडल-जिला समिति विस्तार
मंडल, जिला एवं तहसील स्तर पर समितियों का गठन — प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक सेवाओं की पहुँच।
2024 — 5000+ सदस्य
सक्रिय सदस्यों की संख्या 5000 के पार — हर सदस्य को Unique CWDUP ID के साथ संगठित प्रदेश-व्यापी नेटवर्क।
हर निर्णय, हर कार्यक्रम और हर कदम — इन्हीं मूल सिद्धांतों से निर्देशित होता है।
महिला न्याय, निःशुल्क विधिक सहायता, बाल कल्याण, कौशल विकास एवं जागरूकता के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मानपूर्ण और शोषण-मुक्त जीवन पहुँचाना।
ऐसा उत्तर प्रदेश — और ऐसा भारत — जहाँ हर महिला निर्भय होकर जिए, हर बच्चा सुरक्षित वातावरण में पले-बढ़े और न्याय हर द्वार तक स्वयं पहुँचे।
सेवा हमारे लिए कर्तव्य है, अनुग्रह नहीं। न्याय, पारदर्शिता, समर्पण, समानता और सेवा — ये पाँच मूल्य हमारे प्रत्येक कार्य की कसौटी हैं।
प्रिय साथियों, जब 2015 में हमने आगरा की गलियों से इस संस्था की शुरुआत की थी, तब हमारे पास न बड़े संसाधन थे, न बड़ा नाम — था तो केवल एक अटूट विश्वास कि अन्याय के विरुद्ध उठी एक आवाज़ भी पूरे समाज की दिशा बदल सकती है। आज जब मैं हज़ारों सदस्यों के इस परिवार को देखता हूँ, तो लगता है कि वह विश्वास व्यर्थ नहीं गया। हर वह महिला जिसे न्याय मिला, हर वह बच्चा जो स्कूल लौटा — वही हमारी सच्ची उपलब्धि है।
परंतु यात्रा अभी लंबी है। आज भी अनगिनत बहनें चुपचाप शोषण सह रही हैं, आज भी कई बचपन असुरक्षित हैं। मेरा आपसे विनम्र आग्रह है — इस पुण्य कार्य में हमारे सहभागी बनिए। आपका एक कदम किसी के जीवन की नई सुबह बन सकता है। समिति का द्वार हर पीड़ित के लिए सदैव खुला है और खुला रहेगा।
— राष्ट्रीय अध्यक्ष
बाल एवं महिला विकास एवं शोषण निवारण कल्याण समिति, उ.प्र.
हर मामले में हम एक सुनिश्चित, पारदर्शी प्रक्रिया का पालन करते हैं — ताकि सहायता तेज़ भी हो और सटीक भी।
हेल्पलाइन, कार्यालय या शिविर — पीड़िता की बात पूरी संवेदनशीलता और गोपनीयता के साथ सुनी जाती है।
विशेषज्ञ काउंसलर एवं विधिक सलाहकार मामले का आकलन कर उचित मार्ग — समझौता, शिकायत या वाद — सुझाते हैं।
अधिवक्ता पैनल द्वारा निःशुल्क पैरवी, संबंधित विभागों से समन्वय और न्यायिक प्रक्रिया में हर कदम पर साथ।
कौशल प्रशिक्षण, स्वरोज़गार सहायता एवं सामाजिक पुनर्स्थापन — ताकि पीड़िता आत्मनिर्भर होकर नया जीवन शुरू करे।
हम पूर्ण पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं — हमारे सभी शासकीय प्रमाणपत्र यहाँ उपलब्ध हैं।
Society Registration
Udyam Registration
Income Tax Act
Food Safety License
Permanent Account No.
Ministry of Corporate Affairs
Child Development Regional Centre
Renewal Certificate
सदस्य बनकर आवाज़ दीजिए, या दान देकर सहारा — दोनों ही रास्ते किसी के जीवन में नई सुबह लाते हैं।